UA-83585719-1 Shayari and Poem Collection: Tumhari chat pe nigrani bahut h

Dil Ki Sun

मेरे साथ बिताये लम्हे के हर पल को संजोग के रखना ऐ मेरे दोस्त क्योकि हम याद तो तुम्हे बहुत आयेंगे पर लौट के नहीं । Love U NESARK

Tuesday, 6 September 2016

Tumhari chat pe nigrani bahut h


तुम्हें जीने में आसानी बहुत है
तुम्हारे ख़ून में पानी बहुत है

ज़हर-सूली ने गाली-गोलियों ने 
हमारी जात पहचानी बहुत है

कबूतर इश्क का उतरे तो कैसे 
तुम्हारी छत पे निगरानी बहुत है

इरादा कर लिया गर ख़ुदकुशी का 
तो खुद की आखँ का पानी बहुत है

तुम्हारे दिल की मनमानी मेरी जाँ
हमारे दिल ने भी मानी बहुत है

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