Dil Ki Sun

मेरे साथ बिताये लम्हे के हर पल को संजोग के रखना ऐ मेरे दोस्त क्योकि हम याद तो तुम्हे बहुत आयेंगे पर लौट के नहीं । Love U NESARK

Saturday, 29 May 2021

भटकी तो वो खुद है

 भटकी तो वो खुद है,

और हमे भटका रही है,

भरी महफ़िल में,

हमे झुठला रही है,

खुद वफ़ा भूल गयी है,

और हमे वादा याद दिला रही है,

क्या कुछ नहीं किया उसके वास्ते,

और हमें आजकल रुला रही है,

जिस राह को कभी देखा नही उसने,

उसी रास्ते पर हमें मंजिल दिखा रही है,

कितने जुबान बदले उसके हमारे खिलाफ,

हमारे हर लब्ज़ को वो गलत बता रही है,

हर मुलाकात पर खुद को बदलती थी,

दुनियां की नज़र में हमे गिरा रही है। 


भटकी तो वो खुद है,

और हमे भटका रही है,

भरी महफ़िल में,

हमे झुठला रही है। 


खुलेआम कहा उसने सबसे,

मोहब्बत दिलों जान से करते हैं,

लेकिन प्यार का असर,

वो नागिन के विष सा दिखा रही है,

ना समझ बन कर उसने,

हर रिश्ते को बर्बाद किया,

कुछ पर अब भी चोट बांकी है,

आजकल उसे सहला रही है। 


मासूम चेहरा, नशीली आंखे,

निर्मल मन, भोला रूप है उसका,

अपने फरेब में वो,

सबको बहका रही है। 

नासमझ कहें खुदगर्ज कहें,

या बेशर्म कहें हम उसको,

गलती भी खुद कर रही है,

और फैसला भी सुना रही है।

भटकी तो वो खुद है,

और हमे भटका रही है,

भरी महफ़िल में,

हमे झुठला रही है।         


         

  

                         


तू अकेला चल

 तू अकेला चल

जब-जब दुनिया की ललकार हो,

जब-जब मंजिल की पुकार हो,

तब-तब तू अकेला चल। 

तू अकेला चल।।


महफ़िल को खुद में समेट लो,

तुझ में भी है दम कुछ कर गुजरने की,

खुद में झांको और देख लो,

मंजिल को चलो और चलते रहो,

जब तक ना तुम पर हो,

चलते रहो, और चलने के लिए,

अकेले ही तैयार रहो। 


जब-जब मुसीबत ही पहाड़ हो,

जब-जब वक़्त की तुम पर मार हो,

जब-जब कोई तुम्हे राहों में रोके,

जो खुद ही कभी ना पार हो,

तब-तब तू अकेला चल।

तू अकेला चल।।


Wednesday, 19 May 2021

सब संभाल कर रखा है

 सब संभाल  रखा है

तुम्हारी दी हुयी वो पेपर

जसपे लिख कर तुमने अपना नंबर

दिया था

तुम्हारी वो वो एल्बम जिसमे तुम

परिओ जैसी खिलखिलाती हस रही हो

तुम्हारी दी हुयी वो डायरी का वो पन्ना जिसमे

मेरा जिक्र है

सब संभाल रखा है

तुम्हारी लिपस्टिक का निसान वाला वो रुमाल

तुम्हारी वो ब्लैक कलर वाली क्लिप

तुम्हारी वो ब्लू कलर वाली ओढ़नी

तुम्हारी वो टुटा हुए बाल

सब संभाल रखा है

अब जो आना तो ले जाना

अब जो आना  तो मत जाना ना

रुक जाना मेरे पास

हमेशा के लिए 

मेरा होकर


By - Sikendra Kumar

Monday, 25 December 2017

कोई-कोई

अच्छे फूल को देख हर कोई तोड़ लेता है,
उसे सींचता है कोई-कोई।
प्यार से हर कोई फूल को सहलाता है,
कांटे को छूता है कोई-कोई।

प्यार , इश्क़, मोहब्बत ज़िन्दगी का एक हिस्सा है,
इससे खुद को बचा पाता है कोई-कोई।
खाते हैं कसमे साथ जीने-मरने की,
पर निभा पाता है कोई-कोई।

सोते हुए हर कोई ख्वाब देख लेता है,
उसे पूरा करने के लिए जागता है कोई-कोई।
पत्थर की चोट खाकर गिर जाता है हर इंसान,
खुद को संभाल पाता है कोई-कोई।

मंजिल तो मिल जाएगी, बस थोड़ा और चलना बांकी है,
ऐसी तसल्ली दिला पाता है कोई-कोई।
एक, बस एक ख्वाब टूटने से खत्म नही होती ज़िन्दगी,
हालात-ए-वक़्त में नई ख्वाब सजाता है कोई-कोई।

                                               -NESARK

Monday, 4 December 2017

Bihari - बिहारी

हमने दुनिया को दिखलाया हर क्षेत्र संग्राम है,
हमने ही सिखलाया सबको पैर छूना प्रणाम है,
आज तो दुनिया की हर मजबूरी, मजबूरी से हारी हैं,
गर्व है हमको उस मिट्टी पर, जिसे कहते लोग बिहारी हैं।

बदल रही सारी व्यथाएँ, व्यवहार नहीं हम बदले हैं,
नई पीढी बदल रही है, पर संस्कार नहीं हम बदले हैं।
भूल गए सब लगता है गुरु गोविंद का जन्म स्थान,
लगता है सब भूल गए हैं वीर कुंवर का बलिदान।

बिहारी को गाली कहने वाले अपना ईमान भूल जाते हैं,
इतिहास के पन्नों पर चन्द्रगुप्त मौर्य का सम्मान भूल जाते हैं,
भूल जाते हैं सब अपनी खुद की मान मर्यादा,
वो तो नालंदा और विक्रमशिला का ज्ञान भूल जाते हैं।

गौतम बुद्ध के जन्म स्थान बिहार भूल जाते हैं,
दुनिया में बौद्ध धर्म का प्रचार भूल जाते हैं,
बिहार की धरती को सब हर बार भूल जाते हैं,
आर्यभट्ट के "शून्य" का उपहार भूल जाते हैं।

बिहारी को गाली कहने वाले हमारे भाईचारे का प्यार भूल जाते हैं,
लगता है हमारे छठ पर्व का त्योहार भूल जाते हैं,
लगता है सब भूल जाते हैं हमारे लिट्टी-चोखा का स्वाद,
भूल जाते हैं देश के पहले राष्ट्रपति भी बिहारी थे राजेंद्र प्रसाद।

गर्व है हमें उस धरा पर,
जो जहरीले मौसम को नम बना देते हैं,
गर्व है खुद का बिहारी होने पर,
जो मैं को भी हम बना देते हैं।


Most Popular

Comment Me

Name

Email *

Message *