अभी हमारा होना और बात करना इर्रिटेट करता है न, एक वक्त आएगा जब हम न होंगे, सिर्फ तुम्हारी महफ़िल में ही नहीं, इस दुनिया में ही न होंगे।
हम अपने अस्तित्व को ही खत्म कर देंगे, मिटा देंगे बिल्कुल ही जैसे कुछ था ही नहीं....!
उस वक्त तुमसे बात न करता तुम्हें ही और ज्यादा इर्रिटेट करेगा...!!!
तब लौट कर आने के लिए हम किसी सफर को नहीं होंगे....!!!
हमेशा के लिए सबको छोड़ देंगे, बिल्कुल ही खामोश हो जाएंगे, जहाँ तक तुम्हारी क्या किसी की भी आवाज़ न जाएगी...!!!
चले जायेंगे एक दिन सबको तन्हा छोड़कर
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